कोई हाथ à¤à¥€ न
कोई हाथ à¤à¥€ न मिलाà¤à¤—ा जो गले मिलोगे तपाक से
ये नठमिज़ाज का शहर है ज़रा फासले से मिला करो
ये जो मिलाते फिरते हो तà¥à¤® हर किसी से हाथ
à¤à¤¸à¤¾ न हो कि धोना पड़े जिंदगी से हाथ
हाल पूछा न करे हाथ मिलाया न करे
मैं इसी धूप में खà¥à¤¶ हूं कोई साया न करे
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